Friday, April 16, 2010

चाह

आसमा को देख कर जीने को जी चाहा,
पंछियो को देख कर उड़ने को दिल चाहा,     
आसमा को देख कर छूने को दिल चाहा,
पंछियों को देख कर चहकने को दिल चाहा,
कलिओ को देख कर खिलने को जी चाहा, 
फूलो को देख कर मुस्कुराने को दिल चाहा,
लहरों को देख कर बढ़ने को दिल चाहा,
पहाड़ो को देख कर चढ़ने को दिल चाहा,
तारो को देख कर टिमटिमाने  का दिल चाहा,
चाँद को देख कर रोशन होने को दिल चाहा..

आसान और मुस्किल

 बहुत आसान है किसी को आसू देना ,
पर बहुत मुस्किल है किसी को मुस्कान देना ,
बहुत आसान है किसी को रुलाना ,
पर बहुत मुस्किल है किसी को हँसा पाना ,
बहुत आसान है किसी का दिल तोडना ,
पर बहुत मुस्किल है किसी के टूटे दिल को जोड़ना ,
बहुत आसान है किसी के सपने तोडना ,
पर बहुत मुस्किल है किसी के टूटे सपनो सजोना ,
बहुत आसान है बाते करना ,
पर बहुत मुस्किल है उन बातो को निभाना ,
                                  बहुत आसान है किसी को एक पल में अपना बनाना ,
                                   पर बहुत मुस्किल है अपनानापन निभाना ,
                                     बहुत आसान है बड़ी बड़ी बाते करना ,
                                         पर बहुत मुस्किल है उन बताओ को  अमल करना,
                                         बहुत आसान है किसी को चोट पहुचना,
                                         पर बहुत मुस्किल है उसमे मरहम लगाना ,
                                         बहुत आसान है किसी के विश्वास को तोडना ,
                                         पर बहुत मुस्किल है किसी के विश्वास को पाना ,
                                         बहुत आसान है जिंदगी मिलना ,
                                          पर बहुत मुस्किल है जिन्दगी जीना...