Wednesday, March 17, 2010

बादल


कुछ काले बादल देखे ,
देख कर हम सोच में बेठे,
कितना अँधेरा था छाया,
सोच सोच कर मनं घबराया,
बस कुछ ही पल के थे ये काले बादल,
बदलो ने लिया जो पानी का रूप,
और हो गया अँधेरा दूर,
 फिर आये नीले बादल,
                                                      सुनहरे धुप के साथ,
                                                     खुले आसमान के साथ...

Tuesday, March 16, 2010

मेरा दोस्त


वो चाँद था मेरा दोस्त,चांदनी के साथ था,
दूर रहता था मुझसे मगर हर पल,उदास था,
लगता था उसको देख कर,
 शायद मिलना था उसको मुझसे,
मगर जाने कियो रहता था वो दूर सबसे अकेले,
कुछ तो मज़बूरी होगी उसकी भी,
 वरना दूर से यु न मिलता मुझसे,
आज भी वो मेरा दोस्त हे पर मुझसे दूर है...

Thursday, March 4, 2010

उलझन


मासूम सी निगाहे हे सहमी हुई ,
कुछ अजीब सी बात है चेहरे में,
दर्द है उसकी आखो में,
उलझन है उसके  चेहरे पे ,
उसकी उलझन सुलझाऊ केसे,
उसके दर्द को मिटाव केसे...

Wednesday, March 3, 2010

Life..


खोना है अगर जिंदगी तो बहुत कुछ है खोया,
खो कर भी न मिला कुछ तो क्या है ये जिंदगी,
ख़ामोशी से  जी लिया अब क्या करे जिंदगी,
कुछ करे भी तो क्या अब हम जिन्दा है क्या जिंदगी,

वक्त




वक्त का भरोसा न करना कब ये बदल जाये,

हम आज है जमी  पे  जाने कब गर्दिश में चले जाये,
सोचते रह जाओगे इस वक्त के समंदर की गहराई,
इस  वक्त के भवर में जो एक बार फस जाये...

Monday, March 1, 2010

पंछी





पिंजरे से उड़ना सिख गए आजाद पंछी,

नए घरोंदा  बनाना शिख गए पंछी ,
पिंजड़े के पंछियों की उड़न में जूनून था ,
वेसा उड़ना क्या जाने आजाद पंछी..